“नई तकनीकों से राजस्व कार्य होंगे पारदर्शी व प्रभावी,कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा”
वरिष्ठ अधिकारियों ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण, स्वामित्व योजना, अभिलेख शुद्धता व नक्शा बटांकन पर दी विस्तृत जानकारी।
बालोद :– कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को राजस्व विभाग के कार्यों की समुचित जानकारी सुनिश्चित कराने तथा उन्हें विभागीय कानूनों के नए-नए प्रावधानों अपडेट कराने हेतु आज जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं अजय किशोर लकरा तथा प्रशिक्षक दीपचंद भारती द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। कार्यशाला में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य के अलावा स्वामीत्व योजना, अभिलेख शुद्धता, नक्शा बटंाकन एवं अन्य विभागीय कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने विभागीय कार्यों की सुक्ष्म से जानकारी एवं राजस्व विभाग के कानूनों के विभिन्न प्रावधानों के ज्ञान हेतु कार्यशाला को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यशाला में पूरे मनोयोग से जानकारी प्राप्त कर राजस्व संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने में उसका उपयोग करने को कहा।
दो पालियों में आयोजित इस कार्यशाला में राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख सहित नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में प्रशिक्षक दीपचंद भारती द्वारा नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता, सीमांकन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्य आदि के अलावा अभिलेख संशोधन के प्रस्ताव वर्तमान में क्या है और क्या होना चाहिए, राजस्व न्यायालय में बंदोबस्त त्रुटिसुधार की लंबित होने की संभावित प्रकृति, बंदोबस्त के सामान्य परिस्थितियां आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अलावा कार्यशाला में अभिलेख शुद्धता के कार्य के अंतर्गत खसरा विहीन नक्शा, स्पेशल कैरेक्टर, छोटे नक्शा का बटांकन, जियोरिफ्रेंसिंग, स्वामीत्व योजना, भू-नक्शा साॅफ्टवेयर में 05 डिसमिल से छोटे टुकड़ों की बटांकन की प्रक्रिया आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।