तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में हिरासत के दौरान हुई अजित कुमार की मौत के मामले की जांच अब CBI के हवाले कर दी गई है। 12 जुलाई 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस कस्टोडियल डेथ केस में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की और आधिकारिक तौर पर जांच की शुरुआत की।
CBI की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया, “शिवगंगा जिले में एक मंदिर में गार्ड के रूप में तैनात अजित कुमार की हिरासत में मौत के मामले में सीबीआई ने FIR दर्ज की है।” शुरुआत में यह मामला थिरुप्पुवनम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। मामले में चोरी के आरोप में अजित कुमार को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 29 जून को उनकी मौत हो गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिस ने अजित को टॉर्चर किया, जिससे उसकी जान चली गई। इस मामले में 6 पुलिसकर्मियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
राज्य सरकार ने बढ़ते विरोध और गंभीरता को देखते हुए CBI जांच की सिफारिश की थी। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने 8 जुलाई को सीबीआई को केस सौंपने और 20 अगस्त तक जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था।
CBI ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जो हिरासत में अत्याचार या मौत से संबंधित मामलों में लागू होती है। अब इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जा रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।